रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने MoD Proof Ranges, Field Firing Ranges और Test Facilities के उपयोग की संशोधित Standard Operating Procedure (SOP) को मंज़ूरी दी है। यह SOP भारतीय रक्षा उद्योग के लिए है।
संशोधित SOP: मुख्य तथ्य
- SOP का पूरा नाम Standard Operating Procedure for Utilisation of MoD Proof Ranges, Field Firing Ranges & Test Facilities by Indian Defence Industry है।
- iDEX, TDF, Make और रक्षा मंत्रालय की अन्य विकासात्मक परियोजनाओं के लिए proof और testing शुल्क माफ़ कर दिया गया है।
- SOP में DRDO, सरकारी गुणवत्ता आश्वासन एजेंसियों और तीनों सेनाओं के Proof Ranges, Field Firing Ranges और Laboratory Test Facilities की सूची दी गई है।
- जहाँ शुल्क लागू है, वहाँ उसकी गणना और भुगतान की प्रक्रिया भी SOP में शामिल की गई है।
- पुरानी SOP के Arbitration प्रावधान की जगह सरल Conciliation Agreement Clause जोड़ा गया है। इससे विवादों का जल्दी समाधान होगा।
- Proof Ranges पर हर तिमाही तीन दिन का slot आरक्षित किया गया है। यह सरकारी विकासात्मक परियोजनाओं और उद्योग की अपनी पहल वाली परियोजनाओं के proof firing के लिए है।
- इसका उद्देश्य स्वदेशीकरण, नवाचार और रक्षा निर्यात को बढ़ावा देना है। यह ‘Atmanirbharta in Defence’ की दिशा में कदम है।
- परीक्षा की दृष्टि: रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता, iDEX और TDF जैसी पहलें UPSC, SSC और CDS परीक्षाओं में पूछी जाती हैं।
- याद रखें: संशोधित SOP में iDEX, TDF और Make परियोजनाओं का परीक्षण शुल्क माफ़ है और हर तिमाही तीन दिन का slot आरक्षित है।
स्रोत: PIB (रक्षा मंत्रालय), 7 अक्टूबर 2026
