Madhya Pradesh के Veerangana Durgavati Tiger Reserve (VDTR) में पहली बार चीते छोड़े गए हैं। मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने 7 अक्टूबर 2026 को Kuno National Park से लाए गए दो चीतों को यहाँ छोड़ा।
VDTR में चीते: मुख्य तथ्य
- दोनों चीतों के नाम Vyom (नर) और Neera (मादा) रखे गए हैं। इन्हें Kuno National Park से लाया गया।
- VDTR, Sagar ज़िले में स्थित है। यह Kuno National Park (Sheopur) और Gandhi Sagar Wildlife Sanctuary (Mandsaur) के बाद Madhya Pradesh में चीतों का तीसरा आवास बना है।
- VDTR को Nauradehi Tiger Reserve भी कहा जाता है। यह Madhya Pradesh का सबसे बड़ा tiger reserve है।
- इसका क्षेत्रफल लगभग 2,339 वर्ग किलोमीटर है। यह Sagar, Damoh और Narsinghpur ज़िलों में फैला है। इसे 20 सितंबर 2023 को tiger reserve घोषित किया गया।
- चीतों के लिए लगभग 439 हेक्टेयर क्षेत्र में सुरक्षा और निगरानी की व्यवस्था की गई है। Muhali range में पाँच soft release boma बनाए गए हैं।
- चीते वन्यजीव सप्ताह (Wildlife Conservation Week) के समापन दिवस पर छोड़े गए। इसी कार्यक्रम में ‘Vulture Population Estimation 2026’ रिपोर्ट और Bundelkhandi भाषा में लिखी पुस्तक भी जारी की गई।
- मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अगले महीने दो और चीते VDTR लाए जाएँगे।
- VDTR में बाघ, तेंदुआ, चीतल, सांभर, नीलगाय और भालू पाए जाते हैं। यह संकटग्रस्त भारतीय गिद्धों के संरक्षण के लिए भी महत्वपूर्ण है।
- परीक्षा की दृष्टि: Project Cheetah, चीतों के नए आवास और tiger reserves के ज़िले UPSC पर्यावरण खंड, MPPSC और SSC परीक्षाओं में पूछे जाते हैं।
- याद रखें: Kuno और Gandhi Sagar के बाद Veerangana Durgavati Tiger Reserve (Sagar) Madhya Pradesh में चीतों का तीसरा आवास है।
स्रोत: PTI (The Hindu), Hindustan Times और ANI, 7 अक्टूबर 2026
