WWF की Living Planet Report 2026 के अनुसार निगरानी वाली वन्यजीव आबादी के औसत आकार में 52 वर्षों में 73% की गिरावट आई है। यह रिपोर्ट 7 अक्टूबर 2026 को जारी की गई।
Living Planet Report 2026: मुख्य तथ्य
- Living Planet Report, World Wide Fund for Nature (WWF) की प्रमुख रिपोर्ट है। इसका आधार Living Planet Index (LPI) है, जिसे Zoological Society of London (ZSL) तैयार करती है।
- इस बार के LPI में 1970 से 2022 तक कशेरुकी जीवों (vertebrates) की 5,790 प्रजातियों की 35,803 आबादियों के रुझान शामिल हैं। इनमें स्तनधारी, पक्षी, उभयचर, सरीसृप और मछलियाँ आती हैं।
- सबसे अधिक गिरावट मीठे पानी (freshwater) के पारितंत्र में 85% रही। स्थलीय (terrestrial) आबादी में 69% और समुद्री (marine) आबादी में 59% गिरावट दर्ज हुई।
- क्षेत्रवार सबसे अधिक गिरावट Latin America और Caribbean में 95% रही। इसके बाद Africa में 80% और Asia-Pacific में 49% गिरावट हुई। North America में 28% तथा Europe और Central Asia में 23% गिरावट रही।
- सबसे प्रमुख ख़तरा आवास का नुकसान और क्षरण है। इसके बाद अति-दोहन, जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण, आक्रामक प्रजातियाँ और रोग आते हैं।
- रिपोर्ट के अनुसार लगभग आधी (50%) आबादियाँ स्थिर (7%) या बढ़ती हुई (43%) हैं। बाघ, हरे समुद्री कछुए, दक्षिणी अफ्रीका के हाथी और bluefin tuna की आबादी में सुधार हुआ है।
- रिपोर्ट ने जैव विविधता के लिए प्रति वर्ष 942 अरब डॉलर के वित्त अंतर (finance gap) का उल्लेख किया है। इसने ऊर्जा, खाद्य और वित्त प्रणालियों में “सकारात्मक tipping points” लाने पर ज़ोर दिया है।
- 73% का आँकड़ा जीवों की संख्या में कमी नहीं, बल्कि निगरानी वाली आबादियों के आकार में औसत आनुपातिक परिवर्तन दर्शाता है।
- परीक्षा की दृष्टि: अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण रिपोर्टें, उन्हें जारी करने वाली संस्थाएँ और प्रमुख आँकड़े UPSC पर्यावरण खंड, SSC, बैंकिंग और राज्य PCS परीक्षाओं में पूछे जाते हैं।
- याद रखें: Living Planet Report 2026 (WWF और ZSL) के अनुसार 1970 से 2022 के बीच वन्यजीव आबादी में औसतन 73% गिरावट आई। सबसे अधिक गिरावट मीठे पानी में 85% रही।
स्रोत: WWF प्रेस विज्ञप्ति, 7 अक्टूबर 2026
