Securities and Exchange Board of India (SEBI) ने 7 अक्टूबर 2026 के परिपत्र द्वारा ऋण प्रतिभूतियों के लिए रंग-कोडित Credit Risk-o-Meter अनिवार्य अतिरिक्त प्रकटीकरण तंत्र के रूप में लागू किया। इसका उद्देश्य निवेश से पहले ऋण जोखिम को चित्रित रूप में दिखाना है।
SEBI Credit Risk-o-Meter: मुख्य तथ्य
- परिपत्र तिथि: 7 अक्टूबर 2026; प्रभाव: जारी होने के 45 दिन बाद (लगभग 21 नवंबर 2026 से)।
- लागू: सूचीबद्ध/प्रस्तावित Non-Convertible Securities (NCS), Commercial Papers (CPs), Securitised Debt Instruments (SDIs), Security Receipts (SRs) और Structured Debt / Market Linked Debentures (MLDs)—सार्वजनिक निर्गम व निजी नियोजन दोनों।
- प्रदर्शन स्थान: Offer document, Abridged Prospectus, Private Placement Memorandum, Issuer/OBPP विज्ञापन, तथा Online Bond Platform Providers (OBPPs) के वेब/मोबाइल प्लेटफ़ॉर्म।
- मैपिंग: मौजूदा रेटिंग प्रतीक AAA से D को छह जोखिम स्तरों में—Lowest credit risk (AAA / A1+) से High to Very high risk of Default (B से D / A4, D) तक, रंग-कोड सहित।
- बहु-रेटिंग: एक से अधिक CRA रेटिंग होने पर मीटर निम्नतम रेटिंग दर्शाए; अन्य रेटिंग साथ में बताई जा सकती हैं।
- INC: “Issuer Not Cooperating” स्थिति में एरो अलग INC क्षेत्र की ओर; पाठ में भी INC दर्शाया जाए।
- असुरक्षित लिखत: “unsecured” शब्द मीटर के नीचे बोल्ड लाल पाठ में; OBPP को NSDL/CDSL से रेटिंग परिवर्तन सूचना के 24 घंटे के भीतर मीटर अपडेट करना होगा।
- अस्वीकरण: मीटर केवल credit risk दर्शाता है—निवेश सलाह नहीं; बाज़ार व तरलता जोखिम अलग हैं। जारीकर्ता: Rohit Dubey, General Manager, Department of Debt and Hybrid Securities।
- परीक्षा की दृष्टि: परिपत्र तिथि, छह स्तर, लागू लिखत श्रेणियाँ, 45-दिवसीय प्रभाव और OBPP/24 घंटे नियम बैंकिंग व बाज़ार नियामक (RBI/SEBI) प्रश्नों में उपयोगी हैं।
- याद रखें: SEBI ने 7 अक्टूबर 2026 को Credit Risk-o-Meter अनिवार्य किया—AAA–D को छह रंग-कोडित जोखिम स्तरों में; प्रभाव 45 दिन बाद; NCS, CP, SDI, SR और MLD पर लागू।
स्रोत: SEBI Circular (HO/17/11/22(1)2026-DDHS-POD1), 7 अक्टूबर 2026; GKToday, 13 अक्टूबर 2026
