केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 14 अक्टूबर 2026 को National Social Assistance Programme (NSAP) को 2026-27 से 2030-31 तक पाँच वर्षों के लिए जारी रखने की मंजूरी दी। NSAP और इसकी उप-योजनाओं के नाम भी बदले गए हैं।
NSAP निरंतरता और नया नाम: मुख्य तथ्य
- परिव्यय: पाँच वर्षों (2026-27 से 2030-31) के लिए कुल ₹53,428 crore; प्रस्ताव ग्रामीण विकास विभाग का था।
- नया नाम: NSAP अब Pradhan Mantri Samajik Sahayata Yojana कहलाएगा।
- उप-योजनाएँ: IGNOAPS का नाम Pradhan Mantri Vridhavastha Pension Yojana, IGNWPS का Pradhan Mantri Vidhawa Pension Yojana और IGNDPS का Pradhan Mantri Divyangjan Pension Yojana होगा; पारिवारिक लाभ योजना अब Pradhan Mantri Parivar Labh Yojana होगी।
- दिव्यांगजन पेंशन राशि: 0 से 79 वर्ष आयु वर्ग के लिए ₹375 और 80 वर्ष या अधिक के लिए ₹625 प्रति माह।
- पात्रता में बदलाव: benchmark disability का मानदंड 80 प्रतिशत से घटाकर 40 प्रतिशत; न्यूनतम आयु की शर्त हटाकर जन्म से पात्रता।
- लाभार्थी: सभी 36 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के कुल 3.20 crore लाभार्थी; वृद्धावस्था, विधवा पेंशन और पारिवारिक लाभ योजना पूर्ववत रहेंगी।
- पृष्ठभूमि: NSAP 15 अगस्त 1995 को शुरू हुआ था; यह संविधान के अनुच्छेद 41 (नीति निदेशक तत्व) के दायित्व से जुड़ा है और 100 प्रतिशत केंद्रीय सहायता वाली योजना है।
- कानूनी आधार: Rights of Persons with Disabilities Act, 2016 के अनुसार benchmark disability 40 प्रतिशत है; नए दिशानिर्देश तीन माह में लागू होंगे।
- परीक्षा की दृष्टि: सामाजिक सुरक्षा योजनाएँ, अनुच्छेद 41 और योजनाओं के नए नाम UPSC GS-2, राज्य PCS और SSC में पूछे जा सकते हैं।
- याद रखें: NSAP (1995) का नया नाम Pradhan Mantri Samajik Sahayata Yojana है; 2026-27 से 2030-31 के लिए ₹53,428 crore, दिव्यांगता मानदंड 80 से घटकर 40 प्रतिशत।
स्रोत: PIB (PRID=2323264), 14 अक्टूबर 2026
