स्विट्ज़रलैंड के राष्ट्रपति Guy Parmelin की भारत की राजकीय यात्रा के दौरान 5 अक्टूबर 2026 को भारत-स्विट्ज़रलैंड के बीच पाँच समझौते हुए। इनमें प्रवासन और गतिशीलता साझेदारी (Migration and Mobility Partnership) सबसे प्रमुख है।
भारत-स्विट्ज़रलैंड समझौते: मुख्य तथ्य
- Guy Parmelin तीन दिन की यात्रा पर 5 अक्टूबर 2026 को New Delhi पहुँचे। प्रधानमंत्री Narendra Modi के साथ उनकी वार्ता Hyderabad House में हुई।
- यह यात्रा भारत और EFTA के बीच व्यापार और आर्थिक भागीदारी समझौते (TEPA) की पहली वर्षगाँठ पर हुई। TEPA 1 अक्टूबर 2025 को लागू हुआ था।
- Migration and Mobility Partnership MoU में 5 वर्ष तक के बहु-प्रवेश (multiple-entry) वीज़ा का प्रावधान है। हर यात्रा में 6 महीने तक ठहरने की अनुमति होगी।
- इसी MoU में छात्रों के लिए 1 वर्ष के नवीकरणीय परमिट का प्रावधान है। यह अवैध प्रवासन और मानव तस्करी रोकने में सहयोग भी करेगा।
- Young Professionals समझौते के तहत हर देश से प्रति वर्ष 300 युवा पेशेवरों का आदान-प्रदान होगा। यह संख्या 500 तक बढ़ सकती है।
- सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय तथा स्विट्ज़रलैंड के EAER विभाग के बीच इलेक्ट्रिक वाहन, ropeway और सुरंग जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर MoU हुआ।
- DST और Swiss National Science Foundation के बीच अनुसंधान सहयोग पर आशय पत्र (LoI) हुआ। DST और Zurich University of Applied Sciences के बीच नवाचार और उद्यमिता पर समझौता हुआ।
- TEPA यूरोप के किसी आर्थिक समूह के साथ भारत का पहला FTA है। इसके तहत 15 वर्षों में भारत में 100 अरब डॉलर निवेश और 10 लाख प्रत्यक्ष रोज़गार का लक्ष्य है।
- परीक्षा की दृष्टि: द्विपक्षीय समझौते, EFTA-TEPA और वीज़ा अवधि जैसे तथ्य UPSC, SSC और राज्य PCS परीक्षाओं में पूछे जाते हैं।
- याद रखें: भारत-स्विट्ज़रलैंड Migration and Mobility Partnership में 5 वर्ष तक के बहु-प्रवेश वीज़ा का प्रावधान है। Young Professionals समझौते में प्रति वर्ष 300 लोगों का आदान-प्रदान होगा।
स्रोत: PIB (प्रधानमंत्री कार्यालय) और The Hindu, 5 अक्टूबर 2026
