PM-SETU योजना ने 4 अक्टूबर 2026 को अपना एक वर्ष पूरा किया। इस योजना के तहत 1,000 सरकारी ITI को आधुनिक और उद्योग से जुड़े प्रशिक्षण संस्थानों में बदला जा रहा है।
PM-SETU योजना का एक वर्ष: मुख्य तथ्य
- PM-SETU का पूरा नाम Pradhan Mantri Skilling and Employability Transformation through Upgraded ITIs है। यह 4 अक्टूबर 2025 को शुरू हुई थी।
- योजना का कुल परिव्यय ₹60,000 करोड़ है। इसमें केंद्र का ₹30,000 करोड़, राज्यों का ₹20,000 करोड़ और उद्योग का ₹10,000 करोड़ हिस्सा है।
- पहले घटक में 1,000 सरकारी ITI शामिल हैं: 200 Hub ITI और 800 Spoke ITI। औसतन एक Hub चार Spoke से जुड़ा है।
- दूसरे घटक में पाँच NSTI की क्षमता बढ़ाई जा रही है। ये Bhubaneswar, Chennai, Hyderabad, Kanpur और Ludhiana में हैं।
- पहले वर्ष में 850 ITI की पहचान हुई, जिनमें 172 Hub और 678 Spoke हैं। 14 ITI क्लस्टरों के लिए ₹3,446 करोड़ की निवेश योजनाएँ स्वीकृत हुईं।
- क्लस्टरों का संचालन SPV करेंगे। इनमें Anchor Industry Partner की हिस्सेदारी 51% और केंद्र तथा राज्य की 24.5% प्रत्येक होगी।
- Directorate General of Training ने 32 नए पाठ्यक्रम शुरू किए हैं। इनमें AI, साइबर सुरक्षा, इलेक्ट्रिक वाहन, सेमीकंडक्टर, ड्रोन और ग्रीन हाइड्रोजन शामिल हैं।
- देश में ITI की संख्या 2014 के 9,776 से बढ़कर 2026 में 13,888 हो गई है।
- परीक्षा की दृष्टि: सरकारी योजनाओं का परिव्यय, शुरुआत की तिथि और संरचना सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछी जाती है।
- याद रखें: PM-SETU 4 अक्टूबर 2025 को ₹60,000 करोड़ के परिव्यय से शुरू हुई। इसके तहत 1,000 सरकारी ITI (200 Hub, 800 Spoke) का उन्नयन होगा।
स्रोत: PIB (कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय), 3 अक्टूबर 2026
