केंद्र सरकार ने यात्री वाहनों के लिए CAFE-III (Corporate Average Fuel Economy) मानदंड अधिसूचित किए हैं। ये मानदंड 1 अप्रैल 2027 से 31 मार्च 2032 तक लागू रहेंगे।
CAFE-III मानदंड: मुख्य तथ्य
- विद्युत मंत्रालय ने CAFE-III मानदंड 29 सितंबर 2026 को अधिसूचित किए। 3 अक्टूबर 2026 को इसमें एक शुद्धिपत्र (corrigendum) जारी हुआ।
- ये मानदंड M1 श्रेणी के यात्री वाहनों पर लागू होंगे, जो भारत में बिक्री के लिए बनाए या आयात किए जाते हैं।
- CAFE में हर मॉडल के बजाय कंपनी के पूरे वाहन बेड़े की औसत ईंधन खपत और CO2 उत्सर्जन देखा जाता है। ये मानदंड पहली बार 2017 में Energy Conservation Act के तहत आए थे।
- लक्ष्य की गणना बेड़े के औसत भार पर आधारित है। संदर्भ भार 1,229 किलोग्राम तय किया गया है।
- 909 किलोग्राम से कम भार वाली छोटी कारों के लिए प्रस्तावित अलग 3 g/km छूट अंतिम नियमों में नहीं दी गई।
- Battery Electric Vehicle को सबसे अधिक लाभ मिला है। एक इलेक्ट्रिक वाहन की बिक्री गणना में 3 वाहनों के बराबर मानी जाएगी।
- लक्ष्य से कम प्रदर्शन करने वाली कंपनी Bureau of Energy Efficiency (BEE) से क्रेडिट खरीद सकती है। इसकी कीमत 2027-28 में ₹2,500 प्रति g CO2/km से शुरू होकर 2031-32 में ₹4,500 होगी।
- E20 या उससे अधिक एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल और flex-fuel वाहनों को Carbon Neutrality Factor का लाभ मिलेगा।
- परीक्षा की दृष्टि: ऊर्जा दक्षता मानदंड, BEE की भूमिका और स्वच्छ ईंधन नीति पर्यावरण तथा अर्थव्यवस्था खंड में पूछे जाते हैं।
- याद रखें: CAFE-III मानदंड 1 अप्रैल 2027 से 31 मार्च 2032 तक M1 श्रेणी के यात्री वाहनों पर लागू होंगे। इन्हें विद्युत मंत्रालय ने 29 सितंबर 2026 को अधिसूचित किया।
स्रोत: The Indian Express, 30 सितंबर 2026 (अद्यतन 1 अक्टूबर 2026) और विद्युत मंत्रालय की अधिसूचना
