National Supercomputing Mission (NSM) के तहत सितंबर 2026 तक देश में 40 supercomputers स्थापित हो चुके हैं। इनकी कुल क्षमता 68 petaflops (PF) है।
National Supercomputing Mission: मुख्य तथ्य
- NSM अप्रैल 2015 में लगभग ₹4,500 करोड़ के परिव्यय से शुरू हुआ। इसका संचालन Department of Science and Technology (DST) और MeitY मिलकर करते हैं।
- मिशन का कार्यान्वयन C-DAC, Pune और Indian Institute of Science (IISc), Bengaluru करते हैं।
- 40 systems में 13 उच्च-स्तरीय systems की क्षमता 1 PF से अधिक है। 12 systems की क्षमता 500 TF से 1 PF के बीच और 15 की 500 TF से कम है।
- मिशन का लक्ष्य 123 PF से अधिक कुल क्षमता वाले 50 supercomputers स्थापित करना है।
- भारत का पहला स्वदेशी supercomputer PARAM 8000 था। इसे C-DAC ने 1991 में प्रस्तुत किया और इसकी गति 1 gigaflop थी।
- supercomputer की गति FLOPS में मापी जाती है। एक petaflop का अर्थ है प्रति सेकंड एक quadrillion गणनाएँ।
- NSM 11 सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) में योगदान देता है। इसकी बाढ़ पूर्व-चेतावनी प्रणाली Mahanadi नदी बेसिन में 2 दिन पहले बाढ़ का अनुमान देती है।
- परीक्षा की दृष्टि: राष्ट्रीय मिशनों के शुरू होने का वर्ष, नोडल मंत्रालय और कार्यान्वयन संस्थाएँ UPSC, SSC और बैंकिंग परीक्षाओं में पूछी जाती हैं।
- याद रखें: National Supercomputing Mission 2015 में शुरू हुआ। सितंबर 2026 तक 40 supercomputers की कुल क्षमता 68 PF है।
स्रोत: PIB backgrounder, 4 अक्टूबर 2026
