Kochi की कंपनी EyeROV ने दो EyeROV TROUT प्रणालियाँ भारतीय नौसेना को सौंपी हैं। EyeROV TROUT भारत में बना पहला military-grade underwater Remotely Operated Vehicle (ROV) है।
EyeROV TROUT: मुख्य तथ्य
- EyeROV, Kochi (Kerala) की marine robotics और AI deep-tech startup कंपनी है। उसने 7 अक्टूबर 2026 को दो TROUT प्रणालियाँ नौसेना को सौंपीं।
- यह आपूर्ति नौसेना के पाँच TROUT प्रणालियों के ऑर्डर का हिस्सा है।
- ROV एक मानवरहित जलमग्न वाहन है। इसे सतह पर बैठा संचालक नियंत्रित करता है।
- TROUT को iDEX DISC 7 SPRINT Challenge के तहत विकसित किया गया। इसकी नोडल एजेंसी भारतीय नौसेना थी।
- Innovations for Defence Excellence (iDEX), रक्षा मंत्रालय की पहल है। यह रक्षा क्षेत्र में नवाचार करने वाली कंपनियों और startups को सहायता देती है।
- TROUT का उपयोग जलमग्न निरीक्षण, निगरानी और टोही, खोज और बचाव, पहचान और robotic हस्तक्षेप में होगा।
- इसका field trials, system-level validation और type testing हो चुका है। परीक्षण में गहरे गोते, तेज़ जलधाराओं में प्रदर्शन, navigation और endurance की जाँच हुई।
- EyeROV के CEO और सह-संस्थापक Johns T. Mathai हैं। यह उपलब्धि Atmanirbhar Bharat और Make in India से जुड़ी है।
- परीक्षा की दृष्टि: स्वदेशी रक्षा उपकरण, iDEX और नौसेना की नई क्षमताएँ UPSC, CDS, SSC और राज्य PCS परीक्षाओं में पूछी जाती हैं।
- याद रखें: EyeROV TROUT भारत का पहला military-grade ROV है। इसे Kochi की EyeROV ने iDEX DISC 7 SPRINT Challenge के तहत बनाया।
स्रोत: The New Indian Express और The Hindu BusinessLine, 7 अक्टूबर 2026
