भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) Surya Kant ने 10 अक्टूबर 2026 को Supreme Court के तत्वावधान में Standing Committee on Judicial Well-being का गठन किया। इसकी अध्यक्षता Supreme Court के न्यायाधीश Justice K.V. Viswanathan करेंगे।
Standing Committee on Judicial Well-being: मुख्य तथ्य
- समिति का गठन विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस (World Mental Health Day, 10 अक्टूबर) के अवसर पर किया गया।
- यह पाँच सदस्यीय समिति है। अध्यक्ष Justice K.V. Viswanathan हैं।
- अन्य सदस्य: Dr. Savita Malhotra (PGIMER Chandigarh की पूर्व Dean), मनोवैज्ञानिक Rajat Mitra, Advocate-on-Record Mrinal Kanwar और Supreme Court के Centre for Research and Planning की Registrar Aarti Singh।
- उद्देश्य देश भर के न्यायिक अधिकारियों के कार्य-तनाव, कार्यभार और मानसिक तथा शारीरिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं की पहचान और समाधान है।
- समिति हस्तक्षेप के क्षेत्रों की पहचान करेगी, कल्याण उपायों में समन्वय करेगी, मार्गदर्शन तैयार करेगी और की गई पहलों की समय-समय पर समीक्षा करेगी।
- यह पहल Centre for Research and Planning के ज़िला न्यायपालिका के न्यायिक अधिकारियों पर किए गए अनुभवजन्य अध्ययन पर आधारित है।
- Supreme Court के अनुसार उद्देश्य अलग-अलग उपायों से आगे बढ़कर न्यायिक कल्याण के लिए एक स्थायी ढाँचा बनाना है।
- परीक्षा की दृष्टि: न्यायपालिका से जुड़ी संस्थागत पहलें और समितियाँ UPSC (GS-2 राजव्यवस्था), न्यायिक सेवा और राज्य PCS परीक्षाओं में उपयोगी हैं।
- याद रखें: CJI Surya Kant ने 10 अक्टूबर 2026 को पाँच सदस्यीय Standing Committee on Judicial Well-being बनाई। इसके अध्यक्ष Justice K.V. Viswanathan हैं।
स्रोत: Supreme Court of India प्रेस विज्ञप्ति, PTI और LiveLaw, 10 अक्टूबर 2026
