भारत में Ramsar स्थलों की संख्या 103 हो गई है। केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री Bhupender Yadav ने 15 अक्टूबर 2026 को Sukhna Wetland (Chandigarh) और Sauj Jheel (उत्तर प्रदेश) को Ramsar सूची में शामिल किए जाने की घोषणा की।
Ramsar स्थल 103: मुख्य तथ्य
- नए स्थल: Sukhna Wetland, Chandigarh (Ramsar सूची में स्थल संख्या 2602) और Sauj Jheel, उत्तर प्रदेश (स्थल संख्या 2603)।
- Sukhna की स्थिति: यह Chandigarh शहर के किनारे और बाहरी हिमालय की तलहटी में स्थित एक नगरीय-सीमांत जलाशय है, जो जलग्रहण क्षेत्र से आने वाले जल और गाद के प्रवाह को नियंत्रित करता है।
- Sukhna की जैव विविधता: यह Central Asian Flyway के प्रवासी पक्षियों का आवास है; यहाँ सुभेद्य common pochard, संकटग्रस्त Pallas’s fish eagle और संकटग्रस्त black pond turtle पाए जाते हैं।
- Sauj Jheel की स्थिति: यह Mainpuri जिले में गंगा के बाढ़ मैदान में कृषि भूमि से घिरी एक उथली झील है और Saman Bird Sanctuary (Ramsar स्थल संख्या 2413) के निकट है।
- Sauj Jheel का महत्व: यहाँ नियमित रूप से 30,000 से अधिक जलपक्षी आते हैं; BirdLife International ने इसे Important Bird and Biodiversity Area (IBA) घोषित किया है।
- प्रमुख प्रजातियाँ: Sauj Jheel में सुभेद्य sarus crane और greater spotted eagle दर्ज किए गए हैं; यहाँ कमल और जंगली गन्ना जैसी आर्द्रभूमि वनस्पतियाँ पाई जाती हैं।
- उत्तर प्रदेश: Sauj Jheel राज्य का 14वाँ Ramsar स्थल है; राज्य वन विभाग के अनुसार Mainpuri अब दो Ramsar स्थलों वाला देश का एकमात्र जिला है।
- Ramsar Convention: आर्द्रभूमियों के संरक्षण और विवेकपूर्ण उपयोग से जुड़ी यह अंतरराष्ट्रीय संधि 1971 में Ramsar, ईरान में हुई थी।
- परीक्षा की दृष्टि: Ramsar स्थलों की संख्या, राज्यवार स्थल और संबंधित प्रजातियाँ UPSC प्रारंभिक परीक्षा, SSC और राज्य PCS में बार-बार पूछी जाती हैं।
- याद रखें: 15 अक्टूबर 2026 को Sukhna Wetland और Sauj Jheel जुड़ने से भारत में Ramsar स्थलों की संख्या 103 हो गई।
स्रोत: PIB, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (PRID=2324120) और Ramsar Convention Secretariat, 15 अक्टूबर 2026
