India-EFTA Trade and Economic Partnership Agreement (TEPA) के एक वर्ष पूरे होने पर New Delhi में 2nd India-EFTA Prosperity Summit 2026 हो रहा है। 7 अक्टूबर 2026 को इसके तहत निर्यातकों के लिए outreach कार्यक्रम हुआ।
India-EFTA TEPA: मुख्य तथ्य
- EFTA का पूरा नाम European Free Trade Association है। इसके चार सदस्य हैं: Iceland, Liechtenstein, Norway और Switzerland।
- TEPA 1 अक्टूबर 2025 से लागू हुआ। चारों EFTA देशों के नेता पहली वर्षगाँठ पर New Delhi में हैं।
- EFTA की प्रतिबद्धताएँ उसकी 92.2% tariff lines को कवर करती हैं। ये भारत के 99.6% निर्यात को कवर करती हैं।
- भारत की प्रतिबद्धताएँ 82.7% tariff lines को कवर करती हैं। ये EFTA के 95.3% निर्यात को कवर करती हैं।
- Article 7.1 के तहत EFTA देश 10 वर्षों में भारत में 50 अरब डॉलर FDI बढ़ाने का लक्ष्य रखते हैं। अगले 5 वर्षों में 50 अरब डॉलर और जोड़ने का लक्ष्य है।
- समझौते का लक्ष्य 15 वर्षों में भारत में 10 लाख रोज़गार सृजन में सहायता करना भी है।
- वाणिज्य सचिव Rajesh Agrawal ने निर्यातकों से इस समझौते का अधिक उपयोग करने का आग्रह किया।
- परीक्षा की दृष्टि: व्यापार समझौतों के सदस्य देश, लागू होने की तिथि और निवेश प्रतिबद्धता UPSC, बैंकिंग और SSC परीक्षाओं में पूछी जाती है।
- याद रखें: India-EFTA TEPA 1 अक्टूबर 2025 से लागू है। EFTA ने 15 वर्षों में 100 अरब डॉलर FDI और 10 लाख रोज़गार का लक्ष्य रखा है।
स्रोत: PIB (वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय), 7 अक्टूबर 2026
