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NLUs को 100 hotspot जिलों में आपराधिक मामलों का बैकलॉग घटाने का अभियान: 5.8 crore लंबित मामले

विधि और न्याय मंत्रालय ने आपराधिक मामलों के लंबित बैकलॉग को कम करने के लिए राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों (NLUs) को जुटाते हुए देश के शीर्ष 100 hotspot जिलों पर केंद्रित एक अनुसंधान-आधारित अभियान शुरू किया है। संघीय विधि मंत्री अर्जुन राम मेघवाल के मार्गदर्शन में यह पहल 14 अक्टूबर 2026 को PIB में बताई गई।

NLUs और 100 hotspot जिले: मुख्य तथ्य

  • पेंडेंसी: देश की अदालतों में 5.8 crore से अधिक मामले लंबित हैं; इनमें अधिकांश जिला और अधीनस्थ न्यायालयों में हैं।
  • Hotspot फोकस: चिन्हित 100 न्यायिक जिले जिला-न्यायालय स्तर की कुल पेंडेंसी के आधे से अधिक हिस्से को कवर करते हैं।
  • बैठक: सोलह राज्यों के उन्नीस National Law Universities के कुलपतियों के साथ video conferencing पर बैठक हुई।
  • अध्यक्षता: बैठक की अध्यक्षता विधि और न्याय मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल ने की।
  • उपस्थित अधिकारी: न्याय विभाग के सचिव, महानिदेशक (Awards), Bureau of Police Research and Development (BPR&D) के महानिदेशक, National Crime Records Bureau (NCRB) के महानिदेशक तथा अन्य अधिकारी भौतिक रूप से उपस्थित रहे।
  • चर्चा के उपाय: व्यर्थ (infructuous) मामलों की पहचान, case profiling, वैकल्पिक विवाद समाधान (ADR), स्थगन प्रबंधन, plea bargaining, मध्यस्थता-सहायता समझौते और summary trial प्रक्रिया आदि पर विमर्श हुआ।
  • NLU भूमिका: विश्वविद्यालयों से कहा गया कि वे अपने pro bono clubs, शोधकर्ताओं और छात्रों के माध्यम से चयनित जिलों में मैदानी विश्लेषण करें और पेंडेंसी कम करने की व्यवहार्य रणनीतियाँ सुझाएँ।
  • आगे का रास्ता: हर जिले की विशिष्ट निदान-आधारित योजना बनाकर विलंब के मुख्य कारणों की पहचान और मुकदमेबाजी घटाने का तंत्र सुझाने का अनुरोध किया गया।
  • परीक्षा की दृष्टि: जिला न्यायपालिका की पेंडेंसी, ADR, plea bargaining और विधि सुधार UPSC GS-2, राज्य PCS तथा न्यायिक सेवा परीक्षाओं में पूछे जाते हैं।
  • याद रखें: देश में 5.8 crore से अधिक मामले लंबित हैं; 100 hotspot जिले जिला-न्यायालय पेंडेंसी का आधा से अधिक हिस्सा रखते हैं; 16 राज्यों के 19 NLUs की बैठक अर्जुन राम मेघवाल की अध्यक्षता में हुई।

स्रोत: PIB, विधि और न्याय मंत्रालय (PRID=2323573), 14 अक्टूबर 2026