केंद्र सरकार ने Research, Development and Innovation (RDI) Scheme के अंतर्गत Advanced Chemicals, Petrochemicals और Material Technologies को अतिरिक्त पात्र प्रौद्योगिकी क्षेत्र के रूप में शामिल किया है। यह निर्णय 8 अक्टूबर 2026 से प्रभावी है और रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय ने 14 अक्टूबर 2026 को इसकी जानकारी दी।
RDI Scheme में रसायन-पेट्रोकेमिकल्स क्षेत्र: मुख्य तथ्य
- नया क्षेत्र: Advanced Chemicals, Petrochemicals and Material Technologies को RDI Scheme के तहत वित्तपोषण हेतु पात्र बनाया गया।
- प्रभावी तिथि: यह समावेश 8 अक्टूबर 2026 से लागू है।
- निर्णयकर्ता: विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) ने रसायन और पेट्रोकेमिकल्स विभाग (DCPC), रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के प्रस्ताव पर यह निर्णय लिया।
- उद्देश्य: रसायन और पेट्रोकेमिकल्स क्षेत्र में अनुसंधान, विकास एवं नवाचार मजबूत करना तथा उन्नत औद्योगिक अनुप्रयोगों के लिए स्वदेशी तकनीकें विकसित करना।
- योजना पृष्ठभूमि: RDI Scheme नवंबर 2025 में शुरू की गई; निजी क्षेत्र के R&D निवेश को बढ़ावा देने हेतु इसका कोष ₹1 lakh crore है।
- वित्तपोषण स्वरूप: योजना परिवर्तनकारी परियोजनाओं के लिए अनुकूल शर्तों पर दीर्घकालिक financing और refinancing देती है।
- व्यापक लक्ष्य: उन्नत तकनीकों का अपनाना तेज करना, औद्योगिक प्रतिस्पर्धा बढ़ाना और महत्वपूर्ण-उभरती तकनीक क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता।
- मंत्री प्रतिक्रिया: केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने इस समावेश का स्वागत किया।
- उद्योग प्रभाव: रसायन, पेट्रोकेमिकल उत्पाद, polymers और उनके व्युत्पन्नों के विनिर्माण हेतु उन्नत, कुशल और लागत-प्रभावी तकनीकों के विकास को बल मिलने की उम्मीद।
- परीक्षा की दृष्टि: RDI Scheme का ₹1 lakh crore कोष, DST-DCPC भूमिका और आत्मनिर्भर औद्योगिक नीति UPSC GS-3 तथा बैंकिंग परीक्षाओं में पूछी जाती है।
- याद रखें: Advanced Chemicals, Petrochemicals और Material Technologies 8 अक्टूबर 2026 से RDI Scheme के पात्र क्षेत्र हैं; योजना नवंबर 2025 में ₹1 lakh crore कोष के साथ शुरू हुई थी।
स्रोत: PIB, रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय / DCPC (PRID=2323590), 14 अक्टूबर 2026
